क्या आप जानते हे अर्जुन से पहले इस व्यक्ति ने सुन लिया था गीता का ज्ञान ?

महाभारत युद्ध के पहले और कुरुक्षेत्र के रणभूमि में श्रीमद्भागवद् गीता श्रीकृष्ण ने अर्जुन को सुनाई थी। पुराणों में वर्णित हैं कि इस समय स्यवं विधाता यानी श्रीकृष्ण ने उस समय को रोक दिया था और अर्जुन को श्रीकृष्ण ने गीता का ज्ञान दिया बल्कि उन्हें अपने दिव्य स्वरूप के दर्शन भी दिए थे।

श्रीमद्भागवद् गीता अर्जुन के अलावा धृतराष्ट्र एवं संजय ने सुनी थी। अर्जुन से पहले गीता का परम पावन ज्ञान श्रीहरि ने सूर्यदेव को सुनाया था। श्रीमद्भागवद् गीता को किसने लिखा। यह बात प्रमाणिक रूप से स्पष्ट नहीं हुई हैं। गीता में 18 अध्याय, और 700 श्लोक हैं। गीता का दूसरा नाम गीतोपनिषद है।

महान चीनी यात्री शुआन जांग (ह्वेनसांग) ने सातवीं शताब्दी के अपने यात्रा वृत्तांत में एक ऐसी कथा का उल्लेख किया है जो गीता प्रसंग से मिलती-जुलती है। 13वीं सदी में संत ज्ञानेश्वर ने मराठी अनुवाद किया था।

अकबर के नवरत्नों में एक फैजी ने गीता का फारसी में अनुवाद किया था। जब हमारा देश अंग्रेजो का गुलाम था, उस समय वायसराय वारेन हेस्टिंग्स ने चार्ल्स विलकिंस की मदद से श्रीमद्भागवद का हिन्दी अनुवाद कराया।

इसके बाद अंग्रेजी और अन्य यूरोपीय भाषाओं में भी गीता का अनुवाद हुआ। हालांकि सर्वाधिक लोकप्रिय जो अनुवाद हुआ वह सर एडविन अर्नाल्ड ने किया। सर एडविन ने पूर्व में भगवान बुध्द के जीवन पर ‘द लाइट ऑफ एशिया’ पुस्तक लिखी थी।

गीता का अनुवाद ‘द सांग सेलेस्टियस’ शीर्षक से 1885 में प्रकाशित हुआ। इस पुस्तक से ही गीता में मौजूद अमृत वचन विश्व के लगभग हर देशों तक पहुंचे।

Source link —> https://naidunia.jagran.com/spiritual/kehte-hain-long-before-arjun-he-had-heard-the-knowledge-of-the-gita-1137009

Share this :